“युवा चेतना शिबिर” अन्ना हजारेजी के गाव
August 30, 2011 Leave a comment
YUVA CHETNA SHIVIR RALEGAN SIDDHI WITH ANNA HAJAREJI PART – 1 & 2
आ. डॉ प्रणव पंडियाजी के सानिध्य में ता. ८, ९, १० जून २००७ को “युवा चेतना शिबिर” अन्ना हजारेजी के गाव “रालेगन सिद्धि” में संपन्न हुआ और उन्होंने वहा अपने वक्त्यव्य से खुद बताया की उनकी खुमारी और आत्मशक्ति का रह्श्य क्या हे.
प्यारे देशवासियो ये हे अन्ना हजारेजी की खुमारी और आत्मा शक्ति का रहश्य. कहनी और करनी, में भेद नहीं वोही उनकी शक्ति हे. Simple Living High Thinking वोही उसका वर्तमान हे.
आ. डॉ प्रणव पंडियाजी के सानिध्य में ता. ८, ९, १० जून २००७ को “युवा चेतना शिबिर” अन्ना हजारेजी के गाव “रालेगन सिद्धि” में संपन्न हुआ और उन्होंने वहा अपने वक्त्यव्य से खुद बताया की उनकी खुमारी और आत्मशक्ति का रह्श्य क्या हे.
· आत्म हत्या करने जा रहे थे और केसे स्वामी विवेकानंदजी की पुस्तक ने उनका जीवन बदल दिया.
आजका युवा केसा होना चाहिए. · आजके युवा का लक्ष्य क्या होना चाहिए. · जीवन का मूल्य क्या हे · दुनिया का चक्कर क्या हे · इंसान की खोज क्या हे, कहा खोज रहा हे, और कहा मिलेगा. · देश और समाज केसे बदलेगा.
और जानिए सबसे अहम बात उनके जीवन के ५ सिद्धांत
१. शुध्द – आचार
२. शुद्ध – विचार
३. निष्कलंक जीवन
४. जीवन में त्याग
५. अपमान पिने की शक्ति
जुक्त तो वही हे, जिसमे जान होती हे अकडना तो मुर्दे की पहचान होती हे














પ્રતિભાવો