आज का सदचिंतन : हंसने से चिंता दूर-प्रसन्नता की प्राप्ति

मुँह फुलाये चुपचाप बैठे रहने से मनुष्य की सक्रियता दूर होती जाती है, रक्त प्रवाह बंद होने लगता है और अंग-अंग में शिथिलता आने लगती है। सर्वत्र मुर्दनी पैदा करती है। इससे बचना चाहते हो, तो खूब हंसो। सुख में सभी हंसते हैं। दुःख में हंसना विरों, बहादुरों का काम है।
सच तो यह है कि आदमी प्रसन्नता के कारण सुखी और चिंता के कारण दुखी होता है। इसीलिए अगर सुखी रहना चाहते हो तो सदा प्रसन्न रहो और दुनियां से अलग होकर हंसा करो।
हंसो और हंसकर चिंता का दरवाजा बंद कर दो। फिर तुम्हें दुखी करने वाला ढूंढने पर भी कोई न मिलेगा। हंसने से मनुष्य की अंतःशक्ति जाग उठती है। दीर्घायु होने के लिए खूब हंसो *विचार क्रांति अभियान*

🙏 सबका जीवन मंगलमय हो 🙏

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